चंपा, मेरी प्यारी दोस्त
चंपा, मेरी प्यारी दोस्त,
श्वेत, धवल और बेदाग
मुझे तुमसे बेइंतहा
मोहब्बत है।
मेरे आँगन में तुम
सफ़ेद चादर-सी बिछी,
अपनी पुरज़ोर ख़ुशबू से
मेरी अधूरी-सी ज़िंदगी
को रोशन करती हो।
चंपा, मेरी प्यारी दोस्त,
हर राहगीर का ठिकाना तुम,
छाँव तुम,
संतोष तुम,
थके मन का बहाना तुम।
मेरी चिर-संगिनी,
मेरी ज़ुल्फ़ों में सजती,
मेरी आँखों में बसती,
मेरे हर श्रृंगार का
सबसे ख़ूबसूरत हिस्सा तुम।
चंपा मेरी प्यारी दोस्त,
मुझे तुम सा बना
जीने का हर बहाना देती
दिन भर महक
रात चाँद डूब जाने
धरा के सितारों सा चमकती।
चम्पा मेरी प्यारी दोस्त,
तुम अविस्मरणीय
असाधारण तेज धारिणी
तुम मुझे, माँ
की याद दिलाती हो।
दिशा 🌻
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