इत्तेफाक सी?
टूटा सितारा,
मेरी धूमिल मंज़िल,
मैं पागल बंजारा।
मुझे नोच के फेंक दो
तुम मुझे नोच के फेंक दो
मैं टूट के गिर जाऊँगा
मैं कितना घृणित
मैं बेसहारा।
तुम जाओ बनो
अकबर महान
मैं तुग़लक़ बेचारा
पढ़ ना पाए तुम
लिपि मेरी,
हारा मैं हारा।
मैं हारा।
दिशा 🌻
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