पहली पहल!

21 बरस की उमर,
वो पीपल का पेड़,
मेरी पीली वाली साड़ी
छोटी सी बिंदी!

लाज सरम नीची पलकें
सिकुड़े पाँव, फँसती पाजेब,
कुछ लड़की सी अदाएं
कुछ औरतों सी पाबंदी।

२ कप मीठी चाय,
ताकते झांकते परिवार,
माँ के आँखों से,सब पूछ लेना
1-2 सवालों में ही,के इशारे।

ठंड में पसीने से भींगा पल्लू,
घबरायी नज़रों से पहली बार
मिलती २ शांत चंचल आँखें
शोर में छाया मदहोश सन्नाटा।

मुझे आगे पढ़ना है,
एम ए फिलोसफी से करना है,
बोलने में 1 घंटा लग जाना
और आपका ये सुन मुस्कुराना!
दिशा🤍